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अनेकार्थी शब्द- अनेकार्थी शब्द के उदाहरण | Anekarthi shabd


अनेकार्थी शब्द- अनेकार्थी शब्द के उदाहरण | Anekarthi shabd

उप शीर्षक:
नाम से ही स्पष्ट है, अनेकार्थी = अनेक+अर्थी अर्थात ऐसे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ हों, अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं।
अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं?

नाम से ही स्पष्ट है, अनेकार्थी = अनेक+अर्थी अर्थात ऐसे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ हों, अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं। ऐसे शब्दों के अलग-अलग अर्थ उनके वाक्य में प्रयुक्त होने पर ही समझे जा सकते हैं।

अनेकार्थी शब्दों की सूची-

पानी = आभा (चमक), इज्जत, योग्यता, लज्जित।

बनाना = रचना करना, तैयार करना, कपट पूर्ण व्यवहार, मूर्ख बनाना।

बढ़ना = अग्रसर होना, बढ़ाना, झंझट पैदा करना।

चलना = चाल, व्यवहार में लाना, छानने का यंत्र।

फूटना = अलग होना, चले जाना, अंकुरित होना।

गजब = अद्भुत, आश्चर्य में डालना, जिसकी संभावना न हो।

परिवर्तन = सुधार, हेरफेर, बदलाव।

विचार = इरादा, निर्णय, राय।

पता = ठिकाना, खोज करना, जानकारी।

कनक = सोना, धतूरा, गेहूँ का आटा।

कर = हाथ, किरण, टैक्स।

काल = मृत्यु, समय, दुश्मन, यमराज।

अकाल = भीषण, अन्य पानी संकट, कमी या न्यूनतम, असमय।

आम = एक फल, सामान्य।

उत्तर = एक दिशा, जवाब।

गोली = गुरिया, दवा, बंदूक का छर्रा।

घन = धनापन, चौकोर एक से फलक की आकृति, संख्या त्रिगुणक, लोहे का एक औजार।

दंड = कसरत, डण्डा, सजा।

हिन्दी व्याकरण के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।।
1. व्याकरण क्या है
2. वर्ण क्या हैं वर्णोंकी संख्या
3. वर्ण और अक्षर में अन्तर
4. स्वर के प्रकार
5. व्यंजनों के प्रकार-अयोगवाह एवं द्विगुण व्यंजन
6. व्यंजनों का वर्गीकरण
7. अंग्रेजी वर्णमाला की सूक्ष्म जानकारी

दल = समूह, राजनीतिक संगठन, सेना, पर्त, पत्ता, दल।

पत्र = कागज का लिखा टुकड़ा, पत्ता।

पद = वाक्य में प्रयुक्त शब्द, किसी कार्य हेतु नियुक्त अधिकारी की स्थिति, पैर।

फल = पेड़ों से प्राप्त खाद्य जिसमे बीज निकलते हैं, परिणाम।

मुद्रा = भाव-भंगिमा, छापना, रुपए-पैसे।

राशि = धन, रुपया, पैसा, बारह राशियाँ।

वर = दूल्हा, वरदान, प्रिय।

वर्ण = रंग, क ख ग अक्षर, जातियों की श्रेणी करना।

विधा = कानून, करने की रीति, ढंग, तरीका।

सोना = एक कीमती धातु, शयन।

हल = जुताई का यंत्र, उत्तर, समाधान।

हार = फूलों की धागे में गुथी श्रेणी, पराजय जवाहरात, जेवर।

अज = ब्रह्मा, बकरा, अजन्मा, दशरथ के पिता, शिव, विष्णु, कामधेनु।

अजा = माया, बकरी।

अरुण = सूर्य का सारथी, सूर्य का लाल रंग, आचार्य अरुण।

अर्क = काढ़ा, रस, ताम्र, तत्व, निचोड़, रविवार, सफटिक।

अंवर = आसमान, वस्त्र।

अंक = गोद, गिनती चिह्न, छब्बा, नाटक का अध्याय।

अर्थ = धन, तात्पर्य, आशय, कारण, उद्देश्य।

अलि = सखी, वृश्चिक, भ्रमर।

अधर = आकाश, ओष्ठ, आधारहीन।

अक्षर = जो नष्ट न हो, वर्ण, जल, तप, आकाश, ब्रहमा, सत्य, धर्म।

अशोक = शोक, रहित, मौर्य राजा, वृक्ष का नाम।

अंग = खण्ड, भेद, पक्ष, सहायक, अवयव।

अमृत = सुधा, जल, दुग्ध, अन्न, पारद।

इन्द्रवधु = वीर बहूटी, इंद्र की पत्नि शची।

हिन्दी व्याकरण के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।।
1. लिपियों की जानकारी
2. शब्द क्या है- तत्सम एवं तद्भव शब्द
3. देशज, विदेशी एवं संकर शब्द
4. रूढ़, योगरूढ़ एवं यौगिकशब्द
5. लाक्षणिक एवं व्यंग्यार्थक शब्द
6. एकार्थक शब्द किसे कहते हैं ? इनकी सूची

कर्ण = कुंती पुत्र, कान, समकोण के सामने वाली त्रिभुज की भुजा।

कल = बीता हुआ या आने वाला दिन, चैन, शांति।

कुल = सब, वंश, परिवार।

कला = चंद्रमा का अंश, गुण, छात्र, समय का एक अंश।

कृष्ण = काला, श्री कृष्ण, व्यास जी।

कुटिया = वक्र, तेढ़ा, दुष्ट।

काम = कार्य, कामना, कामदेव, कामवासना।

खग = तारा, वाण, पक्षी, गंधर्व, हवा।

खल = बैरी, औषधि कूटने का यंत्र, गदहा, तृण, एक राक्षस का नाम।

गौ = गाय, इंद्रिया, ब्रिज, पृथ्वी, स्वर्ग, नेत्र।

गति = चाल, दशा, मोक्ष।

चक्र = घेरा, पहिया, चाक, चकवा, सेना।

चीर = चीड़ वृक्ष, वस्त्र, चीरना।

चपला = लक्ष्मी, बिजली।

जलधर = समुद्र, बादल, सरोवर।

जाल = माया, फंदा, समूह, जादू, सरोखा।

ज्येष्ठ = बड़ा, श्रेष्ठ, जेठ महीना, पति का बड़ा भाई।

जीवन = जल, जिंदगी, आजीविका।

तारा = प्रिय स्त्री, आँख की पुतली, बाली की पत्नी, नक्षत्र।

हिन्दी व्याकरण के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़िए।।
1. 'ज' का अर्थ, द्विज का अर्थ
2. भिज्ञ और अभिज्ञ में अन्तर
3. किन्तु और परन्तु में अन्तर
4. आरंभ और प्रारंभ में अन्तर
5. सन्सार, सन्मेलन जैसे शब्द शुद्ध नहीं हैं क्यों
6. उपमेय, उपमान, साधारण धर्म, वाचक शब्द क्या है.
7. 'र' के विभिन्न रूप- रकार, ऋकार, रेफ
8. सर्वनाम और उसके प्रकार

दक्ष = ब्रह्मा का पुत्र, निपुण।

द्विज = दाँत, नख, ब्राह्मण, केश, वैश्य, क्षत्रिय, पक्षी।

द्रोण = एक पर्वत, दोना, कौवा, द्रोणाचार्य।

ध्रुव = भक्तध्रुव, ध्रुव तारा, अटल, सत्य, केंद्र।

धर्मराज = युधिष्ठिर, न्यायीराजा, यमराज, बुद्धि।

नग = नगीना, संख्या, पर्वत, वृक्ष।

नाग = केशर, हाथी, सर्प।

निशाचर = उल्लू, चोर, प्रेत, राक्षस, चमगादड।

सूर = अंधा, सूर्य, वीर, शूल, सूरदास।

सारंग = फूल, कमल, सूर्य, विष्णु, शिव, मोर, बादल, पपीहा, सिंह, हंस, हाथी, जल, कोमल, कपूर, दीपक, कामदेव, धनुष।

हरि = हंस, सर्प, विष्णु, सिंह, वानर, अश्व, गज, शिव, हरा रंग, ब्रहमा।

हलधर = वृषभ, कृषक, बलराम, हलवाहा। शिलीमुखी = भौरा, बाण।

इन 👇 कविताओं एवं उनके अभ्यास के बारे में भी जानें।
1. जिसने सूरज चाँद बनाया भावार्थ एवं अभ्यास
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5. वर दे ! कविता (सरस्वती वन्दना) का अर्थ
6. प्रायोजनाकार्य- विजयी विश्व तिऱंगा प्यारा

आशा है, हिंदी व्याकरण के अंतर्गत अनेकार्थी शब्दों के संबंध में जानकारी काफी उपयोगी लगी होगी।
धन्यवाद।

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आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
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