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'वर्ण' और 'अक्षर' क्या अलग अलग हैं?Are 'Varna' and 'Akshar' Different?

'वर्ण' बोला जाने वाला छोटा से छोटा टुकड़ा है, किंतु 'अक्षर' समझा जाने वाला छोटे से छोटा टुकड़ा होता है। जैसे कि 'अ', 'आ', 'इ', 'उ' को हम बोल सकते हैं, किंतु इनका छोटा अंश नहीं हो सकता। अतः सभी स्वर 'वर्ण' एवं 'अक्षर' दोनों होते हैं। 'क', 'प', 'च', 'थ' आदि व्यजनों को बोल सकते हैं क्योंकि इनमें 'अ' स्वर मिला हुआ है, यदि 'अ' स्वर को निकाल दिया जाए तो इनकी वर्तनी 'क्', 'प्', 'च्', 'थ्' आदि हो जायेगी, अब इन्हें बोलने में कठिनाई होगी। इस कारण स्वर विहीन व्यंजन बोले नहीं जा सकते, किंतु उच्चरण का टुकड़ा होने के कारण इन्हें 'अक्षर' कहा जाता है। स्वर विहीन व्यंजन - 'वर्ण' नहीं कहलाते इन्हें 'अक्षर' कहा जाता है।

यदि 'अक्षर' का शाब्दिक अर्थ देखें तो होता है जिसका क्षर न हो सके अर्थात् जिसका खंड न किया जा सके। सभी स्वर-विहीन व्यंजन 'अक्षर' होते हैं।

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(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
infosrf.com

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