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बालविकास की अवस्थाएँ | Stages of child development in hindi

मानव विकास एक प्रवाहमान प्रक्रिया है। मानव का शारीरिक विकास एक निश्चित सीमा में के बाद अर्थात परिपक्वता को प्राप्त करने के पश्चात रुक जाता है। किंतु मनोशारीरिक क्रियाओं में निरंतर विकास होते रहता है। इन मनोशारीरिक क्रियाओं के अंतर्गत- भाषाई, मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक एवं चारित्रिक विकास आते हैं। इनका विकास विभिन्न आयु स्तरों में भिन्न-भिन्न होता है। इन्ही आयु स्तरों को मानव विकास की अवस्थाओं के नाम से जाना जाता है। बाल विकास या मानव विकास की विभिन्न अवस्थाओं का वर्गीकरण- परम्परागत एवं आधुनिक विचारधारा के आधार पर किया जा सकता है-
Human development is a flowing process. A human's physical development stops after a certain range, that is, after attaining maturity. But there is a continuous development in psychoactive actions. These psychophysical verbs include linguistic, mental, emotional, social and character development. Their development varies from age to age. These age levels are known as stages of human development. Different stages of child development or human development can be classified on the basis of traditional and modern ideology-

(1) परम्परागत विचारधारा (Traditional ideology)-

इस विचारधारा के अंतर्गत भारतीय विद्वानों ने मानव विकास को सात अवस्थाओं में वर्गीकृत किया है।
Under this ideology, Indian scholars have classified human development into seven stages.

1. गर्भावस्था (Pregnancy)- गर्भाधान से लेकर जन्म तक।
2. शैशवावस्था (Infancy)- जन्म से लेकर 5 वर्ष तक।
3. बाल्यावस्था (Childhood)- 5 वर्ष से लेकर 12 वर्ष तक।
4. किशोरावस्था (Adolescence)- 12 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक।
5. युवावस्था (Youth)- 18 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक।
6. प्रौढ़ावस्था (Maturity)- 25 वर्ष से लेकर 55 वर्ष तक।
7. वृद्धावस्था (Old age)- 55 वर्ष से लेकर मृत्यु पर्यंत तक।

(2) आधुनिक विचारधारा (Modern ideology)-

इस विचारधारा के अंतर्गत अधिकतम विद्वानों ने मानव विकास की अवस्थाओं के अपने-अपने माता अनुसार विभाजित किया है-
Under this ideology, most scholars have divided the stages of human development according to their mother-

रॉस महोदय के अनुसार (According to Ross)-

रॉस महोदय के अनुसार बाल विकास को मुख्य रूप से 4 अवस्थाओं में बाँटा जा सकता है।
According to Ross sir, hair growth can be divided mainly into 4 stages.

1. शैशवावस्था (Infancy)- 1 से 5 वर्ष।
2. बाल्यावस्था (Childhood)- 5 से 12 वर्ष।
3. किशोरावस्था (Adolescence)- 12 से 18 वर्ष।
4. प्रौढ़ावस्था (Maturity)- 18 से ऊपर।

ई. बी. हरलॉक के अनुसार-

इन्होंने बाल विकास को अध्ययन की दृष्टि से कुल 11 अवस्थाओं में विभाजित किया है (They have divided child development into a total of 11 stages in terms of studies.)-

1. गर्भावस्था (Pregnancy)- गर्भाधान से लेकर जन्म तक।
2. शैशवावस्था (Infancy)- जन्म से दो सप्ताह तक।
3. उत्तर शैशवावस्था (Post-infancy)- तीसरे सप्ताह से 2 वर्ष तक।
4. पूर्व बाल्यावस्था (Pre-childhood)- तीसरे वर्ष से लेकर 6 वर्ष तक।
5. उत्तर बाल्यावस्था (Post childhood)- 7 वर्ष से 12 वर्ष तक।
6. वयः संधि काल (youth: Treaty period)- 12 वर्ष से 14 वर्ष तक।
7. पूर्व किशोरावस्था (Pre Adolescence)- 13 वर्ष से 17 वर्ष तक।
8. उत्तर किशोरावस्था (Post-adolescence)- 18 वर्ष से 21 वर्ष तक।
9. प्रौढ़ावस्था (Maturity)- 21 वर्ष से 40 वर्ष तक।
10. मध्यावस्था (middle age)- 41 वर्ष से 60 वर्ष तक।
11. वृद्धावस्था (old age)- 60 वर्ष से मृत्यु पर्यंत।

इन 👇 प्रकरणों के बारे में भी जानें।
1. बाल विकास क्या है इसकी अवधारणा एवं परिभाषाएंँ
2. बाल विकास की विशेषताएंँ
3. विकास के अध्ययन की उपयोगिता- बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
4. बाल विकास के अध्ययन में ध्यान रखे जाने वाली प्रमुख बातें
5. विकास के स्वरूप
6. वृद्धि और विकास में अंतर

डॉ जोंस के अनुसार (According to Dr. Jones)-

इन्होंने बाल विकास को चार चरणों में विभाजित किया है (They have divided child development into four stages)-

1. शैशवावस्था (Infancy)- जन्म से 5 वर्ष तक।
2. बाल्यावस्था (Childhood)- 5 वर्ष से 12 वर्ष तक।
3. किशोरावस्था (Adolescence)- 12 वर्ष से 18 वर्ष तक।
4. प्रौढ़ावस्था (Maturity)- 18 वर्ष के बाद तक।

आधुनिक विचारधाराओं को दृष्टिगत रखते हुए बाल विकास को मुख्य रूप से चार अवस्थाओं में बाँटा गया है (Keeping in mind the modern ideologies, child development is mainly divided into four stages)-

1. शैशवावस्था (Infancy)- 0 से 5 वर्ष तक।
2. बाल्यावस्था (Childhood)- 6 वर्ष से 12 वर्ष तक।
3. किशोरावस्था (Adolescence)- 13 वर्ष से 21 वर्ष तक।
4. प्रौढ़ावस्था (Maturity)- 22 वर्ष से ऊपर।

बाल विकास के अध्ययन की उपरोक्त अवस्थाएँ अध्ययन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। किंतु अनेक विद्वान अलग-अलग आधारों पर बाल विकास को अलग-अलग चरणों में बाँटते हैं।
The above stages of the study of child development are most important from the point of view of studies. But many scholars divide child development into different stages on different grounds.

रूसो ने बाल विकास की 3 अवस्थाएँ बताई हैं (Rousseau has described 3 stages of child development)-

1. शैशवावस्था (Infancy)- 1 वर्ष से 5 वर्ष तक।
2. बाल्यावस्था (Childhood)- 5 वर्ष से 12 वर्ष तक।
3. किशोरावस्था (Adolescence)- 12 वर्ष से 20 वर्ष तक।

टीप- आधुनिक मनोविश्लेषणकों ने रुसो की उक्त कल्पना को बालक की कामवासना के विकास के आधार पर समर्थन किया है।
Modern psychoanalysts have supported the above imagination of Russo based on the development of the child's sexuality.

अध्ययन की दृष्टि से बाल विकास की अवस्थाएँ (Stages of child development from study point of view)-

बालक में होने वाले विकासों के अध्ययन हेतु बाल जीवन को 7 विभागों में विभाजित किया जा सकता है (Child life can be divided into 7 departments to study the developments occurring in the child)-

(I) गर्भावासी (Fetus) (Pregnant)
(ii) नवजात शिशु (Newborn Baby)
(iii) 1 वर्षीय शिशु (1 year old baby)
(iv) डगमगाकर चलने वाला (Stagger)
(v) पाठशालारोही (School child)
(vi) किशोरोन्मुख (Adolescent oriented)
(vii) किशोर (Teen)

बाल विकास में विकासात्मक अवधियाँ (Developmental periods in child development)-

कुछ आयु सम्बंधी विकास अवधियों एवं निर्दिष्ट अंतरालों के उदाहरण इस प्रकार हैं (Examples of some age-related development periods and specified intervals are as follows)-

(I) नवजात (Newborn baby)- ( 0 - 1 माह)
(ii) शिशु (Baby)- (1 माह से 1 वर्ष)
(iii) नन्ना बच्चा (small baby)- (1 वर्ष से 3 वर्ष)
(iv) प्रीस्कूली बच्चा (Preschool child)- ( 4 वर्ष से 6 वर्ष)
(v) स्कूली बच्चा (School child)- (6 वर्ष से 13 वर्ष)
(vi) किशोर/किशोरी (Teenager)- (13 वर्ष से 20 वर्ष)

इन 👇 प्रकरणों के बारे में भी जानें।
1. बहुभाषिकता क्या है
2. संप्रेषण क्या है
3. शिक्षा मनोविज्ञान- प्रकृति और उद्देश्य
4. समाजीकरण का अर्थ
5. POCSO act क्या है
6. उद्योतन सामग्री क्या होती है

कोल नामक विद्वान द्वारा मानव विकास की अवस्थाएँ (Stages of human development by a scholar named Cole)-

1. शैशवावस्था (Infancy)- जन्म से 2 वर्ष।
2. प्रारंभिक बाल्यावस्था (Early childhood)- 2 से 5 वर्ष।
3. मध्य बाल्यावस्था (Middle childhood)- बालक 6 से 12 वर्ष बालिका 6 से 10 वर्ष।
4. उत्तर बाल्यावस्था/ पूर्व किशोरावस्था (Post Childhood / Pre-Adolescence)- बालक 13 से 14 वर्ष बालिका 11 से 12 वर्ष।
5. प्रारंभिक किशोरावस्था (Early teens)- बालक 15 से 16 वर्ष बालिका 12 से 14 वर्ष।
6. मध्य किशोरावस्था (Middle teens)- बालक 17 से 18 वर्ष बालिका 15 से 17 वर्ष।
7. उत्तर किशोरावस्था (North teens)- बालक 19 से 20 वर्ष बालिका 18 से 20 वर्ष।
8. प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था (Early maturity)- 21 से 34 वर्ष।
9. मध्य प्रौढ़ावस्था (Middle age)- 35 से 39 वर्ष।
10. उत्तर प्रौढ़ावस्था (Post-maturity)- 50 से 64 वर्ष।
11. प्रारंभिक वृद्धावस्था (Early aging)- 65 से 74 वर्ष।
12. वृद्धावस्था (Old age)- 75 वर्ष से मृत्यु तक।

कोल नामक विद्वान ने विकास की विभिन्न अवस्थाओं का वर्णन किया है।
A scholar named Cole describes various stages of development.

गैसल के अनुसार शैशवावस्था के मुख्यचरण (The main stages of infancy according to Gassel)-

गैसल महोदय ने शैशवावस्था को विकास की मुख्य अवस्था मानते हुए इसे चार भागों में विभाजित किया है-
Considering infancy is the main stage of development, Gassel sir has divided it into four parts-

1. प्रथम चरण (First Stage)- जन्म से 4 माह।
2. द्वितीय चरण (Second Stage)- 4 माह से 8 माह।
3. तृतीय चरण (Third Stage)- 8 माह से 12 माह।
4. चतुर्थ चरण (Fourth Stagr)- 12 माह 18 मई।

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