बालविकास एवं शिक्षाशास्त्र : वृद्धि और विकास में अन्तर(Balvikas : Vriddhi & Vikas me antar) Child Development and Pedagogy : Difference between Growth and Development
वृद्धि, विवृद्धि या अभिवृद्धि तीनों समानार्थक शब्द है। जिसका अर्थ शारीरिक शिराओं, अवयवों एवं विभिन्न संस्थानों में बढ़ाव को प्राप्त करने से होता है एवं उनके आकार और परिमाण में परिवर्तन होने से है। शरीर में बढ़ाव होने से शरीर के आंतरिक एवं बाह्य अंगों के विकास से है। Growth, growth or growth are all three synonyms. Which means attaining physical veins, components and elongation in different institutions and changes in their size and magnitude. The increase in the body is due to the development of internal and external organs of the body.
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मॉडल आंसर शीट ~ विषय- संस्कृत कक्षा- 6 वीं, मूल्यांकन माह-फरवरी
Model Answer Sheet ~ Subject- Sanskrit Class- 6th, Assessment Month-February
प्रश्न 1 :- उचितं विकल्पं चित्वा लिखत्–
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भारत का भूगोल : मृदा अपरदन (Geography of India : Soil Erosion)
मृदा अपरदन के कारण (Reasons of soil erosion) :
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स्टॉक (भण्डारण) पंजी कितने प्रकार की होती है?
Information about Stock Register
स्टाक रजिस्टर के प्रकार (Types of stock registers) :-
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विषय- संस्कृत, Model answer sheet माह- फरवरी, कक्षा-8वीं
कौशल आधारित लिखित प्रश्न खण्ड 'ब' पूर्णांक- 30
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Modal Answer sheet– February 8th 'English' Question Paper
Skill Based Written Questions Section 'A'
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भारत का भूगोल : मृदा– सामान्य परिचय
(Geography of India : Soil– General Introduction)
मृदा से तात्पर्य पृथ्वी की ऊपरी परत से है, जिसे सामान्य भाषा में 'मिट्टी' कहा जाता है। मृदा हमारे लिए बहुत आवश्यक है। यह पौधों की वृद्धि हेतु प्राकृतिक स्रोत के रूप में पौधों को जल, खनिज लवण एवं अन्य पोषक तत्व प्रदान करती है। मृदा पृथ्वी की ऊपरी परत है, जो कि खनिज कणों और जीवाश्म का मिश्रण है। यह लाखों वर्षों में निर्मित हुई है। सामान्य रूप से मिट्टी की कई परतें होती हैं।
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भारत का भूगोल : मृदा– सामान्य परिचय
(Geography of India : Soil– General Introduction)
मृदा से तात्पर्य पृथ्वी की ऊपरी परत से है, जिसे सामान्य भाषा में 'मिट्टी' कहा जाता है। मृदा हमारे लिए बहुत आवश्यक है। यह पौधों की वृद्धि हेतु प्राकृतिक स्रोत के रूप में पौधों को जल, खनिज लवण एवं अन्य पोषक तत्व प्रदान करती है। मृदा पृथ्वी की ऊपरी परत है, जो कि खनिज कणों और जीवाश्म का मिश्रण है। यह लाखों वर्षों में निर्मित हुई है। सामान्य रूप से मिट्टी की कई परतें होती हैं।
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