रस किसे कहते हैं, रस के प्रकार और इसके अंग | Ras kya hai- ras ke prakar aur iske ang
रस के प्रकार 10 हैं। कार्य या साहित्य को पढ़ने, सुनने या देखने से पाठक, श्रोता या दर्शक को जिस आनंद की अनुभूति होती है, उसे 'रस' कहते हैं।
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रस के प्रकार 10 हैं। कार्य या साहित्य को पढ़ने, सुनने या देखने से पाठक, श्रोता या दर्शक को जिस आनंद की अनुभूति होती है, उसे 'रस' कहते हैं।
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काव्यशास्त्र के नियमानुसार जिस काव्य में मात्रा, वर्ण संख्या, गण, यति, गति, लय तथा तुक आदि नियमों का विचार करके शब्द योजना की जाती है, उसे 'छंद' कहते हैं।
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विराम का मूल अर्थ - रुकना, ठहराव, आराम की स्थिति है। हिन्दी में विराम चिन्हों का प्रयोग इसके महत्व एवं प्रकार को जानेंगे।
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अलंकार का सामान्य अर्थ है, 'आभूषण' या 'गहना'। अलंकार और अलंकार के भेद- अलंकार के तीन प्रकार- शब्दालंकार, अर्थालंकार, उभयालंकार हैं।
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पत्र लेखन अनेक प्रकार से होता है, जिसमें, आदेशात्मक, निवेदनात्मक, सूचनात्मक, विवरणात्मक, व्यावसायिक आदि पत्र होते हैं।
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चेक मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं। क्रॉस्ड चेक, बेयरर चेक, खुला चेक और आदेश चेक
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एशिया महाद्वीप के महत्वपूर्ण देशों का विवरण यहाँ दिया गया है। नेपाल, भूटान, म्यांमार, चीन,, अफगानिस्तान, बांग्लादेश आदि का वर्णन किया गया है।
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कक्षा 5 वी हिंदी विशिष्ट के पाठ 2 'बुद्धि का फल' संपूर्ण पाठ एवं अभ्यास यहाँ दिया गया है। विद्यार्थी भली-भाँति अध्ययन कर सकते हैं।
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पाठ 3 'पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर' कक्षा 5 हिन्दी (भाषा भारती) के शब्दार्थ एवं प्रश्नोत्तर का अध्ययन यहाँ करेंगे।
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शकों का मूल निवास सीरिया था। ये बोलन दर्रे से भारत में आए थे। शकों को 'सीथीयन' भी कहा जाता है।
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