तृतीयः पाठः सर्वनामशब्दाः (स्त्रीलिंङ्गम्) (भाग-1 ) | हिन्दी अनुवाद एवं अभ्यास | संस्कृत (सुरभिः) कक्षा- 6
कक्षा- 6 के संस्कृत (सुरभिः) के तृतीयः पाठः सर्वनामशब्दाः (स्त्रीलिंङ्गम्) (भाग-1 ) का हिन्दी अनुवाद एवं अभ्यास हल कराया गया है।
Read more
विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा भत्ता एवं पका हुआ भोजन प्रदाय करने के आदेश
प्रधानमन्त्री पोषण शक्ति निर्माण के आदेशानुसार विद्यार्थियों को पका हुआ भोजन एवं खाद्य सुरक्षा भत्ता प्रदान करने के आदेश प्रदान किए गए हैं।
Read more
श्री हरितालिका तीजा व्रत कथा || माता पार्वती एवं शिवजी की आरती || Haritalika Teeja Vrat Katha
श्री हरितालिका तीजा व्रत कथा के साथ माता पार्वती एवं शिवजी की आरती (Haritalika Teeja Vrat Katha)।
Read more
अनुतान क्या है? अनुतान के उदाहरण एवं प्रकार || हिन्दी भाषा में इसकी महत्ता || Hindi Bhasha and Anutan
अनुतान के प्रयोग से शब्दों या वाक्यों के भिन्न-भिन्न अर्थों की अनुभूति होती है। भाषा में अनुतान क्या होता है? अनुतान के उदाहरण, प्रकार एवं इसकी महत्ता की जानकारी पढ़े।
Read more
विश्व के प्रमुख संगठन और उनके मुख्यालय | World Organizations and Headquarters
यहाँ विश्व के प्रमुख संगठन और उनके मुख्यालयों की सूची दी गई है। Here the list of world organizations and their headquarters is given.
Read more
बुन्देलखण्ड (जेजाकभुक्ति) का चन्देल वंश | Chandela Dynasty Of Bundelkhand (Jejakabhukti)
बुन्देलखण्ड (जेजाकभुक्ति) में 9वीं शताब्दी के दौरान नन्नुक नामक व्यक्ति ने चंदेल वंश की स्थापना की थी। उसने 'खजुराहो' को अपनी राजधानी बनाया थी।
Read more
गणेश जी की आरती एवं भावार्थ (अर्थ) || जय गणेश जय गणेश देवा || गणपति की सेवा मंगल मेवा || Bhagwan Ganesh ji ki Aarti and Aarti ka arth
गणेश जी की आरती एवं इनका भावार्थ (अर्थ)। (१) जय गणेश जय गणेश देवा (२) गणपति की सेवा मंगल मेवा।
Read more
जिले में UDISE + पोर्टल पर सत्र 2023-24 में डाटा संकलन जानकारी || UDISE + Data compilation information
जिले में UDISE + पोर्टल पर सत्र 2023-24 में डाटा संकलन करने हेतु राज्य शिक्षा केन्द्र के दिशा निर्देशा जारी किया गया है, जिसमें निम्न बिंदुओं की जानकारी दी गई है।
Read more
भौगोलिक जानकारी : तारों का जन्म एवं मृत्यु || Geographical information: Birth and death of stars
ब्रह्मांड में उपस्थित गैसों एवं धूल के कणों अथवा बादलों में गुरुत्वाकर्षण होता है। इस कारण से आकाशगंगा के केंद्र में नाभिकीय संलयन प्रारंभ हो जाता है। इससे हाइड्रोजन, हीलियम में परिवर्तित होने की वजह से नवीन तारे निर्मित होते हैं। इन्हीं बादलों को 'स्टेलर नर्सरी' कहते हैं। आकाशगंगा में हाइड्रोजन का बादल बहुत बड़ा होता है। इससे गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से गैसीय पिंड सिकुड़ने लगता है। यह तारे के जन्म का प्रारंभिक रूप होता है। इसे 'आदि तारा' कहा जाता है।
Read more


