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सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास, अनछुए पहलू और महत्वपूर्ण तथ्य : प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु विशेष लेख एवं वैकल्पिक प्रश्न


सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास, अनछुए पहलू और महत्वपूर्ण तथ्य : प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु विशेष लेख एवं वैकल्पिक प्रश्न

उप शीर्षक:
हड़प्पा सभ्यता का उदय, विस्तार, नगरीय नियोजन, सामाजिक जीवन और प्रतियोगी परीक्षा हेतु विशेष प्रश्न उत्तर
Slug (कॉपी करें):
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मेटा टाइटल:
सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तृत इतिहास और परीक्षा उपयोगी प्रश्न | Harappa Civilization in Hindi
मेटा डिस्क्रिप्शन:
सिंधु घाटी सभ्यता पर आधारित इस लेख में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की विस्तृत जानकारी, नगर नियोजन, व्यापार और पतन के कारणों के साथ 30 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल हैं।
लेख का सारांश:
यह लेख सिंधु घाटी सभ्यता के हर पहलू को गहराई से समझाता है। इसमें सभ्यता के भौगोलिक विस्तार से लेकर उनके उन्नत इंजीनियरिंग कौशल और सामाजिक ढांचे का वर्णन है। विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इसमें 30 बहुविकल्पीय प्रश्न और उनकी उत्तर कुंजी प्रदान की गई है, जो विभिन्न परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC और PSC के लिए अत्यंत उपयोगी है।
विषय क्षेत्र:
प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History)
जानकारी का स्रोत:
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), NCERT इतिहास और प्रामाणिक ऐतिहासिक ग्रंथ

सिंधु घाटी सभ्यता: विश्व की प्रथम नगरीय क्रांति का संपूर्ण एवं विस्तृत इतिहास


भूमिका और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सिंधु घाटी सभ्यता, जिसे विश्व की प्राचीनतम और सर्वाधिक विकसित सभ्यताओं में गिना जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में फली-फूली। इसकी खोज ने भारत के इतिहास को हजारों साल पीछे धकेल दिया और यह सिद्ध किया कि जब विश्व के अधिकांश हिस्सों में लोग कबीलों में रह रहे थे, तब भारत में भव्य और नियोजित नगर बस चुके थे। इस सभ्यता का उदय ताम्र-पाषाणिक पृष्ठभूमि में भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तर भाग में हुआ। इसे 'हड़प्पा सभ्यता' इसलिए कहा जाता है क्योंकि 1921 में रायबहादुर दयाराम साहनी के नेतृत्व में सबसे पहले पंजाब के हड़प्पा नामक स्थल का उत्खनन किया गया था।

काल निर्धारण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण रेडियो कार्बन-14 (C-14) जैसी आधुनिक पद्धति के अनुसार, इस सभ्यता का सर्वमान्य काल 2500 ई.पू. से 1750 ई.पू. तक माना जाता है। इसे तीन चरणों में विभाजित किया जा सकता है: प्राक्-हड़प्पा (3300-2600 ई.पू.), परिपक्व हड़प्पा (2600-1900 ई.पू.), और उत्तर-हड़प्पा (1900-1300 ई.पू.)। यह सभ्यता मेसोपोटामिया और मिस्र की सभ्यताओं के समकालीन थी, किंतु भौगोलिक विस्तार की दृष्टि से यह उन दोनों के सम्मिलित क्षेत्र से भी कहीं अधिक बड़ी थी।

भौगोलिक विस्तार का विस्तृत विवरण सिंधु सभ्यता का विस्तार भारत के सात राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर) के साथ-साथ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मुंडीगाक तथा शोरतुघई तक था। इसका आकार त्रिभुजाकार था। उत्तरी सीमा जम्मू के मांडा (चिनाब नदी) तक, दक्षिणी सीमा महाराष्ट्र के दैमाबाद (प्रवरा नदी) तक, पूर्वी सीमा उत्तर प्रदेश के आलमगीरपुर (हिंडन नदी) तक और पश्चिमी सीमा बलूचिस्तान के सुत्कागेंडोर (दाश्क नदी) तक विस्तृत थी। कुल मिलाकर यह सभ्यता लगभग 12,99,600 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई थी।

अतुलनीय नगर नियोजन और स्थापत्य सिंधु सभ्यता की सबसे प्रभावशाली विशेषता उसका नगर नियोजन था। शहर दो भागों में विभाजित थे: पश्चिमी टीला (दुर्ग), जहाँ शासक वर्ग रहता था और पूर्वी टीला (निचला शहर), जहाँ सामान्य जनता रहती थी। सड़कें एक-दूसरे को 90 डिग्री के कोण पर काटती थीं, जिसे ऑक्सफोर्ड सर्कस या ग्रिड प्रणाली कहा जाता है। मुख्य सड़कें 10 मीटर तक चौड़ी होती थीं। जल निकासी की व्यवस्था अत्यंत वैज्ञानिक थी; हर घर की नाली गली की बड़ी नाली से मिलती थी, जो अंत में शहर के बाहर मुख्य नाले में गिरती थी। नालियाँ पकी हुई ईंटों और चूने के गारे से बनाई गई थीं तथा इन्हें ढकने के लिए पत्थर की शिलाओं का प्रयोग किया गया था।

सामाजिक संरचना और खान-पान हड़प्पा समाज चार वर्गों में विभाजित था: विद्वान (पुरोहित), योद्धा, व्यापारी और श्रमिक। समाज मातृसत्तात्मक था, जिसका अनुमान खुदाई में मिली बड़ी संख्या में नारी मूर्तियों से लगाया जाता है। यहाँ के लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थे। गेहूँ, जौ और खजूर इनके मुख्य आहार थे। मनोरंजन के लिए ये लोग पासे का खेल, शिकार और मछली पकड़ने के शौकीन थे। सूती और ऊनी दोनों प्रकार के वस्त्रों का प्रचलन था। आभूषणों के प्रति पुरुषों और महिलाओं दोनों में समान लगाव था।

आर्थिक समृद्धि और कृषि तकनीक कृषि इस सभ्यता की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार थी। नौ प्रकार की फसलों के साक्ष्य मिले हैं। सिंधु नदी की बाढ़ द्वारा लाई गई उपजाऊ मिट्टी में बीज बोए जाते थे। कपास उगाने वाले ये विश्व के पहले लोग थे, इसीलिए यूनानियों ने इन्हें 'सिंडन' कहा। जुते हुए खेत के साक्ष्य राजस्थान के कालीबंगा से मिले हैं। कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी उन्नत था; कूबड़ वाला सांड इनका सबसे प्रिय पशु था। आंतरिक और बाह्य व्यापार चरम पर था। मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र के लिए मेलुहा शब्द का प्रयोग किया गया है। व्यापार के लिए वस्तु-विनिमय प्रणाली (Barter System) का प्रयोग होता था।

धार्मिक विश्वास और मान्यताएं यहाँ के लोग प्रकृति के उपासक थे। वे धरती को उर्वरता की देवी मानकर उसकी पूजा करते थे। मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक मुहर पर 'आद्य शिव' (पशुपतिनाथ) का चित्र मिला है, जिसके चारों ओर हाथी, व्याघ्र, गैंडा और भैंसा विराजमान हैं। यहाँ से स्वास्तिक, चक्र और क्रॉस के चिन्ह भी मिले हैं, जो सूर्य उपासना के प्रतीक हैं। नाग पूजा, जल पूजा और अग्नि पूजा के साक्ष्य भी विभिन्न स्थलों से प्राप्त हुए हैं। पुनर्जन्म में विश्वास होने के कारण वे मृतकों के साथ उनकी प्रिय वस्तुएँ भी दफनाते थे।

कला, लिपि और माप-तौल सिंधु सभ्यता के लोगों ने अपनी एक विशिष्ट लिपि विकसित की थी, जिसमें लगभग 400 से 600 अक्षर थे। यह लिपि चित्रात्मक थी और दाईं से बाईं ओर लिखी जाती थी (बूस्ट्रोफेडन विधि)। नाप-तौल के लिए वे 16 के गुणज वाले बाटों का प्रयोग करते थे। मृदभांड कला अत्यंत विकसित थी; मिट्टी के बर्तनों पर काले रंग से ज्यामितीय आकृतियाँ और पशु-पक्षियों के चित्र बनाए जाते थे। मोहनजोदड़ो से प्राप्त नर्तकी की कांस्य मूर्ति 'लुप्त मोम विधि' (Lost Wax Technique) का उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रमुख हड़प्पाकालीन स्थल और उनकी विशेषताएं
1. हड़प्पा: यहाँ से अन्नागार, श्रमिक आवास और 'आर-37' कब्रिस्तान मिला है।
2. मोहनजोदड़ो: इसे 'मृतकों का टीला' कहा जाता है। यहाँ से विशाल स्नानागार, अन्नागार और सूती कपड़े के साक्ष्य मिले हैं।
3. लोथल: यह एक पत्तन (बंदरगाह) नगर था। यहाँ से फारस की मुहरें और चावल के अवशेष मिले हैं।
4. कालीबंगा: यहाँ से चूड़ियों के कारखाने, ऊँट की हड्डियाँ और हवन कुंड मिले हैं।
5. धोलावीरा: यह शहर तीन भागों में बंटा था और यहाँ जल संचयन की अद्भुत प्रणाली थी।
6. चन्हुदड़ो: यह एकमात्र शहर था जहाँ कोई दुर्ग नहीं था; यहाँ से मनके बनाने का कारखाना मिला है।

पतन के विभिन्न कारण इतनी उन्नत सभ्यता का अंत कैसे हुआ, इस पर इतिहासकारों में मतभेद है। सर जॉन मार्शल और मैके के अनुसार 'बाढ़' मुख्य कारण थी। व्हीलर के अनुसार 'आर्यों का आक्रमण' जिम्मेदार था। अमलानंद घोष के अनुसार 'जलवायु परिवर्तन' और ओरेल स्टीन के अनुसार 'नदियों का मार्ग बदलना' पतन का कारण बना। 1750 ई.पू. के आसपास यह सभ्यता धीरे-धीरे अपनी नगरीय विशेषताओं को खोकर ग्रामीण संस्कृति में परिवर्तित हो गई।


प्रतियोगिता वैकल्पिक प्रश्न (सेट-1)

नोट - सभी प्रश्नों की उत्तर शीट नीचे देखें।

प्रश्न 1. हड़प्पा सभ्यता का सर्वाधिक विस्तार किस दिशा में था?
(A) उत्तर
(B) दक्षिण
(C) पूर्व
(D) पश्चिम

प्रश्न 2. सिंधु सभ्यता के किस स्थल से 'नक्काशीदार ईंटों' के प्रयोग का साक्ष्य मिला है?
(A) मोहनजोदड़ो
(B) कालीबंगा
(C) हड़प्पा
(D) बनावली

प्रश्न 3. भारत का सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन पुरास्थल कौन सा है?
(A) राखीगढ़ी
(B) धोलावीरा
(C) लोथल
(D) कालीबंगा

प्रश्न 4. सिंधु सभ्यता के लोग किस धातु से अपरिचित थे?
(A) तांबा
(B) कांसा
(C) सोना
(D) लोहा

प्रश्न 5. 'घोड़े की अस्थियाँ' कहाँ से प्राप्त हुई हैं?
(A) सुरकोटदा
(B) लोथल
(C) कालीबंगा
(D) रंगपुर

प्रश्न 6. हड़प्पाकालीन मोहरें अधिकांशतः बनी होती थीं?
(A) सेलखड़ी से
(B) कचली मिट्टी से
(C) गोमेद से
(D) मिट्टी से

प्रश्न 7. सिंधु घाटी की सभ्यता में मुख्य फसल कौन सी थी?
(A) गेहूँ और जौ
(B) चावल और मक्का
(C) मक्का और कपास
(D) केवल चावल

प्रश्न 8. स्वतंत्रता के बाद भारत में हड़प्पा के सर्वाधिक स्थल कहाँ खोजे गए हैं?
(A) गुजरात
(B) राजस्थान
(C) पंजाब
(D) हरियाणा

प्रश्न 9. मोहनजोदड़ो का स्थानीय नाम क्या है?
(A) कंकालों का टीला
(B) जीवितों का टीला
(C) मृतकों का टीला
(D) दासों का टीला

प्रश्न 10. सिंधु सभ्यता के किस स्थल से 'चावल' के प्रथम साक्ष्य मिले हैं?
(A) लोथल
(B) रंगपुर
(C) कालीबंगा
(D) रोपड़

प्रश्न 11. हड़प्पा सभ्यता किस युग की सभ्यता थी?
(A) कांस्य युग
(B) नवपाषाण युग
(C) पुरापाषाण युग
(D) लौह युग

प्रश्न 12. सिंधु घाटी सभ्यता का पत्तननगर (Port City) कौन सा था?
(A) कालीबंगा
(B) लोथल
(C) रोपड़
(D) मोहनजोदड़ो

प्रश्न 13. पैमानों की खोज ने यह सिद्ध कर दिया है कि सिंधु घाटी के लोग माप और तौल से परिचित थे, यह खोज कहाँ हुई?
(A) कालीबंगा
(B) हड़प्पा
(C) चन्हुदड़ो
(D) लोथल

प्रश्न 14. सिंधु सभ्यता का 'विशाल अन्नागार' कहाँ पाया गया है?
(A) मोहनजोदड़ो
(B) हड़प्पा
(C) लोथल
(D) कालीबंगा

प्रश्न 15. हड़प्पा सभ्यता के निवासी कौन थे?
(A) ग्रामीण
(B) शहरी
(C) खानाबदोश
(D) जनजातीय

प्रतियोगिता वैकल्पिक प्रश्न (सेट-2)

प्रश्न 16. सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि कैसी थी?
(A) ब्राह्मी
(B) द्रविड़ियन
(C) अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी
(D) संस्कृत

प्रश्न 17. हड़प्पा सभ्यता के अंतर्गत मिट्टी के बर्तनों पर किस रंग का लेप लगाया जाता था?
(A) लाल
(B) नीला
(C) पीला
(D) काला

प्रश्न 18. सिंधु सभ्यता में 'तांबे का रथ' किस स्थान से प्राप्त हुआ है?
(A) कुणाल
(B) राखीगढ़ी
(C) दैमाबाद
(D) बनावली

प्रश्न 19. किस पशु के अवशेष सिंधु घाटी सभ्यता में प्राप्त नहीं हुए हैं?
(A) शेर
(B) घोड़ा
(C) गाय
(D) हाथी

प्रश्न 20. चन्हुदड़ो के उत्खनन का निर्देशन किसने किया था?
(A) जे. एच. मैके
(B) सर जॉन मार्शल
(C) व्हीलर
(D) ऑरेल स्टीन

प्रश्न 21. कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ क्या है?
(A) काली चूड़ियाँ
(B) काला प्रदेश
(C) काली मिट्टी
(D) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 22. सिंधु घाटी के लोग विश्वास करते थे?
(A) आत्मा और ब्रह्म में
(B) कर्मकांड में
(C) यज्ञ प्रणाली में
(D) मातृशक्ति में

प्रश्न 23. 'अग्निकुंड' के साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए हैं?
(A) लोथल एवं कालीबंगा
(B) हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो
(C) चन्हुदड़ो
(D) बनावली

प्रश्न 24. किस हड़प्पाकालीन स्थल से 'दोहरे शवाधान' का प्रमाण मिला है?
(A) कुन्तासी
(B) धोलावीरा
(C) लोथल
(D) कालीबंगा

प्रश्न 25. हड़प्पा सभ्यता के संपूर्ण क्षेत्र का आकार किस प्रकार का था?
(A) वर्गाकार
(B) आयताकार
(C) त्रिभुजाकार
(D) गोलाकार

प्रश्न 26. सिंधु सभ्यता में मुख्य द्वार सड़कों पर न खुलकर पिछवाड़े की ओर खुलते थे, इसका अपवाद कौन सा नगर था?
(A) लोथल
(B) मोहनजोदड़ो
(C) चन्हुदड़ो
(D) हड़प्पा

प्रश्न 27. हड़प्पा के मिट्टी के बर्तनों पर सामान्यतः किस रंग का उपयोग हुआ था?
(A) लाल
(B) नीला-हरा
(C) पांडु
(D) नीला

प्रश्न 28. सिंधु सभ्यता का उत्तर से दक्षिण विस्तार कितना था?
(A) 1100 किमी
(B) 1400 किमी
(C) 1600 किमी
(D) 1200 किमी

प्रश्न 29. राखीगढ़ी भारत के किस राज्य में स्थित है?
(A) हरियाणा
(B) राजस्थान
(C) पंजाब
(D) गुजरात

प्रश्न 30. सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था की ताकत क्या थी?
(A) कृषि
(B) व्यापार
(C) चाक पर बनाए गए मिट्टी के बर्तन
(D) बढ़ईगिरी


उत्तर शीट

प्रश्न 1. उत्तर (D)
प्रश्न 2. उत्तर (B)
प्रश्न 3. उत्तर (A)
प्रश्न 4. उत्तर (D)
प्रश्न 5. उत्तर (A)
प्रश्न 6. उत्तर (A)
प्रश्न 7. उत्तर (A)
प्रश्न 8. उत्तर (A)
प्रश्न 9. उत्तर (C)
प्रश्न 10. उत्तर (A)
प्रश्न 11. उत्तर (A)
प्रश्न 12. उत्तर (B)
प्रश्न 13. उत्तर (D)
प्रश्न 14. उत्तर (A)
प्रश्न 15. उत्तर (B)
प्रश्न 16. उत्तर (C)
प्रश्न 17. उत्तर (A)
प्रश्न 18. उत्तर (C)
प्रश्न 19. उत्तर (A)
प्रश्न 20. उत्तर (A)
प्रश्न 21. उत्तर (A)
प्रश्न 22. उत्तर (D)
प्रश्न 23. उत्तर (A)
प्रश्न 24. उत्तर (C)
प्रश्न 25. उत्तर (C)
प्रश्न 26. उत्तर (A)
प्रश्न 27. उत्तर (A)
प्रश्न 28. उत्तर (B)
प्रश्न 29. उत्तर (A)
प्रश्न 30. उत्तर (B)



आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
(I hope the above information will be useful and important. )
Thank you.
लेखक
(Writer)
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