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इन 12 नामों से जाना जाता है हिन्दू नवसंवत्सर को भारत में | Hindu Navsamvatsar ke 12 rup


इन 12 नामों से जाना जाता है हिन्दू नवसंवत्सर को भारत में | Hindu Navsamvatsar ke 12 rup

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इस भाग में हिन्दू नवसंवत्सर को भारत में इन 12 नामों से जाना जाता है इसकी जानकारी दी गई है।

हमारा भारत देश विविधताओं का देश कहलाता है। यहाँ हिन्दू समाज में बहुरंग देखने को मिलते हैं। हमारे देश में हिन्दू नव संवत्सर को अलग अलग क्षेत्रों / प्रांतों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। नीचे क्रमशः हिंदू नवसंवत्सर की क्षेत्रवार जानकारी दी गई है―

1. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (Chaitra Shukla Pratipada)― भारत के उत्तर प्रांत और मध्यप्रदेश अलावा और कुछ क्षेत्रों में नवसंवत्सर को चैत्र शुक्लादि (Chaitra Shukladi) के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस दिन नवरात्रि की भी शुरुआत होती है। लोग जवारे बोते हैं एवं माता रानी की 9 दिनों तक उपासना करते हैं।

2. गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa)― महाराष्ट्र और गोवा प्रांत में नवसंवत्सर को गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग घरों के बाहर एक बांस की छड़ी पर रेशमी वस्त्र और कलश लगाया जाता है जिसे गुड़ी कहा जाता है।

3. उगादी (Ugadi)― दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक राज्यों में में इसे उगादी या युगादि कहा जाता है। लोग इस दिन विशेष रूप से एक व्यंजन बनाते हैं जिसमें मीठा, तीखा, खट्टा और कड़वा स्वाद होता है उसे 'उगादी पच्चड़ी' कहा जाता है।

4. बोहाग बिहू (Bohag Bihu)― बोहाग बिहू असम प्रांत का मुख्य त्योहार है। इसे यहाँ रोंगाली बिहू भी कहा जाता है। यहाँ इस दिन से असमिया नववर्ष की शुरुआत होती है।

5. पोइला बैशाख (Pohela Boishakh)― बंगाल प्रांत में बंगाली समुदाय के लोग इस पर्व को पोइला बैशाख के रूप में मनाते हैं। इस प्रांत में बंगाली नववर्ष की शुरुआत इसी दिन से होती है।

6. चेटी चंड (Cheti Chand)― भगवान झूलेलाल की जयंती के रूप में सिंधी समुदाय इसे चेटी चंड के रूप में मनाते हैं।

7. महाविषुव संक्रांति (Mahavishuva Sankranti)― महाविषुव संक्रांति या पाना संक्रांति के रूप में ओडिशा प्रांत में इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

8. साजिबू चेराओबा (Sajibu Cheiraoba)― मणिपुर प्रांत में मीतेई समुदाय इसे साजिबू चेराओबा के रूप में मनाता है। इस दिन यहां के लोग परंपरागत व्यंजन बनाकर अपने इष्ट देवताओं को अर्पित करते हैं।

9. विशु (Vishu)― केरल प्रांत में लोग इस पर्व को विशु के रूप में मनाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है और लोग विशेष प्रकार का भोजन बनाकर ईश्वर को अर्पित करते हैं।

10. नवरेह (Navreh)― कश्मीर प्रांत में कश्मीर के पंडित इस पर्व को नवरेह के रूप में मनाते हैं। इस दिन ये लोग चावल से भरा हुआ थाल सजाते हैं और वर्ष का पंचांग देखते हैं।

11. पुथंडु (Puthandu)― तमिलनाडु प्रांत में इस पर्व को पुथंडु के रूप में मनाया जाता है। दक्षिण भारत के इस प्रांत में लोग इस पर्व को तमिल नववर्ष के रूप में मनाते हैं।

12. विक्रम संवत (Vikram Samvat)― विक्रम संवत की शुरुआत महान पराक्रमी राजा विक्रमादित्य के द्वारा प्रारंभ की गई थी। पूरे भारत में हिन्दू समुदाय के लोग इस संवत्सर को नव वर्ष के रूप में मनाते हैं।

भले ही पूरे भारत में इस नवसंवत्सर को अलग-अलग नामों से जानते और अलग-अलग रूपों में मनाते हैं। किंतु मूल उद्देश्य नये वर्ष का स्वागत, धर्म और संस्कृति का सम्मान और शुभता का आह्वान करना है ताकि हमारे भारतवासी और हमारा प्रिय भारत देश उन्नति की राह पर अग्रसर हो।

मेरी ओर से आप सभी को हिन्दू नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ।



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