पदोन्नति नियम में गोपनीय चरित्रावली : नियम 8 और 9: APAR से पदोन्नति उपयुक्तता – 5 वर्ष, अंक, अनुपलब्धता पर क्या?
जानें कैसे होता है APAR/ACR के आधार पर मूल्यांकन, कितने अंक चाहिए, और अगर APAR न हों तो क्या होगा – पूरी प्रक्रिया उदाहरण सहित
नियम 8: वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदनों द्वारा उपयुक्तता का निर्धारण
शार्ट नेम (Short Name) – APAR:
फुल फॉर्म: Annual Performance Appraisal Report
हिंदी अर्थ: वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट
(पुरानी शब्दावली में इसे ACR – Annual Confidential Report – वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट कहा जाता था।)
शार्ट नेम – DPC:
फुल फॉर्म: Departmental Promotion Committee
हिंदी अर्थ: विभागीय पदोन्नति समिति
शार्ट नेम – NRC:
फुल फॉर्म: No Report Certificate
हिंदी अर्थ: कोई रिपोर्ट प्रमाण-पत्र (जब किसी वर्ष का APAR उपलब्ध न हो)
नियम 8(1): आधार एवं अवधि
विभागीय पदोन्नति समिति (DPC), लोक सेवकों की पदोन्नति के लिये उनके सेवा अभिलेख के आधार पर एवं जिस चयन वर्ष की पदोन्नति हेतु समिति की बैठक आयोजित की जा रही है, उससे ठीक पूर्ववर्ती 5 वित्तीय वर्षों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदनों (APAR) के संदर्भ में उनकी उपयुक्तता का निर्धारण करेगी।
APAR अनुपलब्ध होने पर: यदि उपयुक्त 5 वर्षों के प्रतिवेदनों में से अधिकतम दो गोपनीय प्रतिवेदन किसी कारण से उपलब्ध नहीं हों, तो DPC ठीक 2 पूर्ववर्ती वर्षों अर्थात कुल 7 पूर्ववर्ती वर्षों तक के APAR को विचारण में ले सकेगी।
उदाहरण: वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली DPC की बैठक (जिसमें 31 दिसम्बर 2027 तक के पद सम्मिलित हैं) के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25, 2023-24, 2022-23, 2021-22, 2020-21 के APAR के सन्दर्भ में उपयुक्तता का निर्धारण किया जायेगा। यदि इन वर्षों में से कोई भी दो वर्षों का APAR उपलब्ध नहीं है, तो वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2018-19 के APAR पर विचार किया जा सकेगा।
नियम 8(2): अंतिम 2 वर्षों में 1 APAR अनिवार्य
उपनियम (1) के अतिरिक्त अंतिम दो वर्षों में से कम से कम एक वर्ष का गोपनीय प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना आवश्यक है।
नियम 8(3): NRC (No Report Certificate) का प्रावधान
किसी वर्ष/वर्ष के भाग के गोपनीय प्रतिवेदन की अवधि NRC है, तो ऐसी अवधि को उपनियम (1) के अनुसार मूल्यांकन में विचार में नहीं लिया जायेगा।
नियम 8(4): स्वमूल्यांकन (Self-Appraisal) की स्थिति
अधिकतम एक वर्ष के गोपनीय प्रतिवेदन पर निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य उपलब्ध होने पर, परन्तु प्रतिवेदक, समीक्षक एवं स्वीकारकर्ता अधिकारी का मतांकन नहीं होने की स्थिति में, उक्त वर्ष का मूल्यांकन उपलब्ध वर्षों के मूल्यांकन का औसत होगा।
नियम 8(5): एक वर्ष में एक से अधिक APAR होने पर
किसी वर्ष में एक से अधिक गोपनीय प्रतिवेदनों के उपलब्ध होने की स्थिति में, उपलब्ध सभी प्रतिवेदनों के मूल्यांकन का भारित औसत (Weighted Average) किया जायेगा।
नियम 8(6): 6 माह की अवधि का APAR
किसी वर्ष के कम से कम 6 माह की अवधि के गोपनीय प्रतिवेदन के मूल्यांकन उपलब्ध होने पर ही, उसे वर्ष का मूल्यांकन माना जायेगा।
परंतु (Proviso): यदि NRC (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट) की अवधि 6 माह से अधिक हो, तो 6 माह से कम के लिए उपलब्ध गोपनीय प्रतिवेदन को वर्ष का मूल्यांकन माना जा सकेगा।
नियम 9: गोपनीय प्रतिवेदनों की अनुपलब्धता
मुख्य प्रावधान:
नियम 8 के अनुसार गोपनीय प्रतिवेदनों के अनुपलब्ध रहने की दशा में:
✅ प्रकरणों को परिभ्रमण (विचारण) में नहीं रखा जायेगा।
✅ ऐसे पदों के विरुद्ध अन्य पात्र लोक सेवक को पदोन्नत कर दिया जायेगा।
✅ ऐसे प्रकरणों को APAR की उपलब्धता के पश्चात आयोजित होने वाली DPC की बैठक में पदोन्नति के विचारण हेतु रखा जायेगा।
✅ आगामी DPC में पात्र पाये जाने पर, उस लोक सेवक की वरिष्ठता पात्रता अनुसार पूर्ववत यथास्थान पुनर्स्थापित की जायेगी।
स्पष्टीकरण (Explanation) – उदाहरण सहित:
यदि किसी लोक सेवक की पदोन्नति पर APAR के अनुपलब्ध रहने के कारण चयन वर्ष 2026 की DPC में विचार नहीं किया जाता है, एवं चयन वर्ष 2027 की DPC में उसके चयन वर्ष 2026 की स्थिति में APAR उपलब्ध हो जाते हैं एवं विचारण उपरांत वह पदोन्नति हेतु उपयुक्त पाया जाता है, तो:
✅ उसे पदोन्नत करते हुये,
✅ उसकी वरिष्ठता पूर्ववत यथास्थान पुनर्स्थापित की जायेगी,
✅ अर्थात विचारण वर्ष 2026 की चयन सूची के अनुसार ही वरिष्ठता निर्धारित की जायेगी।
सारांश (निष्कर्ष)
"APAR पदोन्नति का आधार है – 5 वर्षों की गणना, अंकन प्रणाली, न्यूनतम अंक। यदि APAR उपलब्ध न हों तो प्रक्रिया स्थगित होगी, परंतु बाद में पुनर्स्थापना होगी।"
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह जानकारी मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के असाधारण राजपत्र (दिनांक 19 जून 2025) पर आधारित है। यह केवल सूचनात्मक है तथा इसे कानूनी सलाह न समझें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व संबंधित विभाग/प्राधिकारी से आधिकारिक पुष्टि अवश्य प्राप्त करें।
आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
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